रोगाणु इतने छोटे सजीव हैं कि दिखाई ही नहीं देते, और वे हर जगह हैं — हाथों पर, दरवाज़े की मूठ पर, मिट्टी में। ज़्यादातर हानिरहित हैं, पर कुछ शरीर के भीतर पहुँचकर हमें बीमार कर सकते हैं। दिखाई न देने के कारण, साफ़ लगते हाथ भी उन्हें लिए हो सकते हैं।
उदाहरण
उदाहरण 6.4 (चमकी वाला प्रयोग)
अपनी हथेलियों पर चुटकी भर चमकी मलो, फिर किसी साथी से हाथ मिलाओ, दरवाज़ा खोलो, पेंसिल उठाओ: चमकी हर जगह। रोगाणु ठीक इसी तरह सफ़र करते हैं, बस दिखाई नहीं देते। अब तक गिनते हुए साबुन से धोओ — चमकी चली जाती है, और रोगाणु भी।