रक्त का सड़क-जाल एक ही पंप में से गुज़रते दो फंदे हैं (परिभाषा 27.5 वाले दोनों पहलू, अब चक्करों के रूप में):
- फेफड़ों वाला चक्कर: दायाँ निलय फेफड़े (ऑक्सीजन लादते, कार्बन डाइऑक्साइड उतारते) बायाँ अलिंद;
- शरीर वाला चक्कर: बायाँ निलय पूरा शरीर (पहुँचाते, बटोरते) दायाँ अलिंद।
हर बूँद बारी-बारी से चक्कर बदलती है: फेफड़े, शरीर, फेफड़े, शरीर — और इसीलिए बायाँ निलय, जो कहीं बड़े शरीर वाले फंदे भर धकेलता है, दिल का सबसे मोटी दीवार वाला कमरा है।