फुफ्फुसीय संवातन प्रति मिनट फेफड़ों में भीतर और बाहर की गई हवा का आयतन है: एक साँस का आयतन (यानी ज्वारीय आयतन), गुणा प्रति मिनट साँसों की संख्या (यानी श्वसन दर)। विश्राम में लगभग , प्रति मिनट बारह से पंद्रह बार: । फेफड़ों में हवा क़रीब 30 करोड़ कूपिकाओं तक पहुँचती है, जो केशिकाओं में लिपटी पतली दीवारों वाली थैलियाँ हैं और जहाँ ऑक्सीजन रक्त में जाती है तथा कार्बन डाइऑक्साइड उससे बाहर।
जीवविज्ञान · शब्दावली
संवातन क्या है?
अन्य नाम: कूपिका