ऑक्सीकारी योग में कोई अणु A–B अपना A–B आबंध तोड़कर और M–A तथा M–B आबंध बनाकर किसी धातु केंद्र से जुड़ता है। अपचायी विलोपन उलटा चरण है: एक-दूसरे के cis स्थित दो लिगैंड A और B जुड़कर A–B बनाते हैं और धातु को छोड़ देते हैं।
रसायन विज्ञान · शब्दावली
ऑक्सीकारी योग और अपचायी विलोपन क्या है?
अन्य नाम: ऑक्सीकारी योग · अपचायी विलोपन