जब कोई तरंग अपने तरंगदैर्घ्य जितने ही नाप के छिद्र या अवरोध से मिलती है, तो वह उस क्षेत्र में भी फैल जाती है जिसे किरणें अँधेरा छोड़ देतीं। यही फैलाव विवर्तन है — बहुत छोटा हो तो नगण्य, और के की ओर सिकुड़ते ही हावी।
भौतिकी · शब्दावली
भौतिकी · शब्दावली
जब कोई तरंग अपने तरंगदैर्घ्य जितने ही नाप के छिद्र या अवरोध से मिलती है, तो वह उस क्षेत्र में भी फैल जाती है जिसे किरणें अँधेरा छोड़ देतीं। यही फैलाव विवर्तन है — बहुत छोटा हो तो नगण्य, और के की ओर सिकुड़ते ही हावी।