पूरी संख्या भर तरंगदैर्घ्यों की दूरी पर बैठे दो बिंदु, , हर क्षण एक-सा हिलते हैं: वे समकला में हैं। और की दूरी पर बैठे बिंदु हमेशा उलटा हिलते हैं — शिखर के सामने गर्त: वे विपरीत कला में हैं।
भौतिकी · शब्दावली
समकला और विपरीत कला में क्या है?
अन्य नाम: समकला · विपरीत कला