पेशी हड्डियों से जुड़ी एक माँसल मोटर है। पेशी संकुचित हो सकती है — यानी छोटी और मोटी हो जाती है — और संकुचित होते हुए वह उस हड्डी को खींचती है जिससे वह जुड़ी है। पेशियाँ सिर्फ़ खींचती हैं; कोई पेशी धकेल नहीं सकती।
उदाहरण
उदाहरण 17.8 (जोड़ी को काम करते महसूस करो)
दूसरे हाथ से अपनी ऊपरी बाँह पकड़ो और धीरे-धीरे कोहनी मोड़ो: आगे वाली पेशी फूलती और सख़्त होती है — वह संकुचित हो रही है। अब बाँह सीधी करो: आगे वाली नरम पड़ जाती है, और बाँह के पीछे उसकी साथी कस जाती है। तुमने अभी-अभी प्रतिज्ञप्ति 17.7 को होते हुए महसूस किया।