-दाता लिगैंड के पास धातु–लिगैंड आबंध के सापेक्ष सममिति के भरे कक्षक होते हैं (, के एकाकी युग्म); -ग्राही लिगैंड के पास निम्न ऊर्जा के खाली कक्षक होते हैं ( और के कक्षक)। भरे धातु d कक्षकों से खाली कक्षकों में, जो किसी -ग्राही लिगैंड के हों, इलेक्ट्रॉन घनत्व के स्थानांतरण को पश्च-दान कहते हैं।
रसायन विज्ञान · शब्दावली
π-दाता और π-ग्राही लिगैंड क्या है?
अन्य नाम: पाई-दाता लिगैंड · पाई-ग्राही लिगैंड · पश्च-दान