प्रकाश-रेडॉक्स उत्प्रेरण एक ऐसे प्रकाश-सुग्राहीकारक का उपयोग करता है जिसकी उत्तेजित अवस्था अपनी मूल अवस्था से प्रबलतर ऑक्सीकारक भी है और प्रबलतर अपचायक भी, ताकि क्रियाधारों को या उनसे एकल इलेक्ट्रॉन स्थानांतरित हों और दृश्य प्रकाश में मूलक उत्पन्न हों; सुग्राहीकारक एक उत्प्रेरकी चक्र में पुनर्जनित होता है।
रसायन विज्ञान · शब्दावली