तुल्य परमाण्वीय कक्षकों का सममिति-अनुकूलित संयोजन ऐसा संयोजन है जिसे अणु की हर सममिति संक्रिया (किसी दर्पण तल में परावर्तन, किसी अक्ष के परितः घूर्णन) या तो अपरिवर्तित छोड़ती है या उसके विपरीत में बदल देती है, या, अपभ्रष्ट समुच्चयों के लिए, उसी समुच्चय के संयोजनों में रूपांतरित करती है।
रसायन विज्ञान · शब्दावली