वायुमंडल का एक स्तंभ विकिरणी–संवहनी साम्य में होता है, जब हर स्तर पर विकिरण का शुद्ध फ़्लक्स संतुलित होता है, सिवाय उस निचली परत के जहाँ संवहन ऊष्मा को ऊपर ले जाता है और तापमान-प्रवणता को रुद्धोष्म प्रवणता पर रखता है। निचली, संवहनी परत क्षोभमंडल है; ऊपरी परत, जो विकिरणी साम्य में है, समतापमंडल; क्षोभसीमा वह स्तर है जहाँ वे मिलते हैं।
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पृथ्वी और अंतरिक्ष विज्ञान · পরিভাষা
विकिरणी–संवहनी साम्य কী?
অন্য নাম: विकिरणी--संवहनी साम्य