एक सैकड़ा दस दहाइयाँ हैं, यानी दस के दस बंडल। संख्या के तीन हिस्से हैं:
उदाहरण
उदाहरण 7.2 (शून्य स्थान रोके रखता है)
“तीन सौ पाँच” यानी : तीन सैकड़ा, कोई दहाई नहीं, पाँच इकाई। ही को इकाई के स्थान पर रोके रखता है। उसके बिना बिलकुल दूसरी संख्या हो जाती।
उदाहरण 7.3 (अदला-बदली)
दस इकाई मिलकर एक दहाई बनती हैं, दस दहाई मिलकर एक सैकड़ा। तो दहाई , और सैकड़ा दहाई। संख्या में दहाइयाँ हैं, केवल अंक नहीं।