किसी तरंग की संचरण चाल वह दूरी है जो विक्षोभ तय करता है, बटा उसमें लगा समय: । यह चलती हुई आकृति की चाल है, माध्यम की नहीं।
उदाहरण
उदाहरण 20.8 (ध्वनि की चालें)
ध्वनि हवा में , पानी में और इस्पात में चलती है — माध्यम जितना कड़ा, चाल उतनी तेज़। इसीलिए पश्चिमी फ़िल्मों में कान पटरी पर रखा जाता है: रेलगाड़ी की ख़बर इस्पात पहले देता है।