कोई निकाय ऊष्मागतिक साम्य में तब होता है जब उसके अवस्था चर एकसमान और समय में अचर हों और उसे पार करता पदार्थ या ऊर्जा का कोई स्थूल प्रवाह न हो। तभी पूरे निकाय के लिए और परिभाषित होते हैं; और अवस्था समीकरण उन्हें तथा से जोड़ता है।
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भौतिकी · পরিভাষা