कंपन बहुत तेज़ थरथराहट है — आगे-पीछे होती वह हरकत जो हर सेकंड कई बार दोहराई जाती है, और अकसर इतनी तेज़ होती है कि आँख उसका पीछा नहीं कर पाती। छेड़ी हुई गिटार की तार कंपन करती है: तुम्हें बस एक धुँधलापन दिखता है, पर उँगली की नोक को उसकी भनभनाहट महसूस होती है।
उदाहरण
उदाहरण 19.5 (हर जगह ध्वनि के स्रोत)
हर ध्वनि के पीछे का कंपन ढूँढ़ो: गिटार — छेड़ी हुई तारें थरथराती हैं; ढोल — चोट खाई खाल थरथराती है; तुम्हारी आवाज़ — फेफड़ों की हवा तेज़ी से निकलते समय गले की दो नन्ही झिल्लियाँ थरथराती हैं (यही वह भनभनाहट है जो तुम्हारी उँगलियों ने महसूस की); भनभनाती मक्खी — उसके पंख हर सेकंड सैकड़ों बार थरथराते हैं; ज़ोर से बंद किया दरवाज़ा — पूरा दरवाज़ा और उसकी चौखट पल भर के लिए काँप उठते हैं।