सबसे भारी मामला: कोई चालक सड़क बैटरी के दोनों सिरों को जोड़ दे और उस पर कहीं कोई उपकरण न हो। तब क़तार का विरोध करने वाला कुछ बचता ही नहीं, और वह भगदड़ बन जाती है — यह बेतहाशा दौड़ तार को और ख़ुद बैटरी को तपा देती है, सेल बरबाद कर देती है, विद्युतरोधी परत पिघला देती है, और घर की बिजली में घरों को आग के हवाले कर देती है।
उदाहरण
उदाहरण 48.5 (तार तपते क्यों हैं)
चलती हुई धारा अपनी सड़क को हमेशा थोड़ा गरम करती है — लैंप की दमक वही गरमाहट है, जिसे जान-बूझकर काम पर लगाया गया है, और वह भी सफ़ेद-गरम चलने के लिए बने तंतु में। भगदड़ में यही गरमाहट ख़तरा बन जाती है: लघुपथन की दौड़ ताँबे के तार को कुछ ही सेकंडों में उसकी प्लास्टिक परत के गलनांक से भी ऊपर तपा सकती है। जेब भर का पूर्वाभास: तार से लघुपथित की गई बैटरी तुम्हारे हाथ में गरम हो जाती है — और वही भौतिकी, घर की बिजली के पैमाने पर, दीवारें झुलसा देती है। (दौड़ के साथ गरमाहट कैसे बढ़ती है, यह दो साल बाद विद्युत शक्ति वाले अध्याय में ईमानदारी से मापा जाता है।)