किसी समतल का अभिलंब सदिश वह शून्येतर सदिश है जो में पड़े हर सदिश के लांबिक हो (इतना पर्याप्त है कि वह की दो असंरेखी दिशाओं के लांबिक हो)।
বইগুলো এখনো বাংলা ভাষায় পাওয়া যায় না — हिन्दी সংস্করণ দেখানো হচ্ছে।
गणित · পরিভাষা
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गणित · পরিভাষা
किसी समतल का अभिलंब सदिश वह शून्येतर सदिश है जो में पड़े हर सदिश के लांबिक हो (इतना पर्याप्त है कि वह की दो असंरेखी दिशाओं के लांबिक हो)।