किसी जीव की उपापचय दर वह दर है जिससे वह रासायनिक ऊर्जा को रूपांतरित करता है; इसे वाट में, ऊष्मा-उत्पादन या ऑक्सीजन-खपत के रूप में मापा जाता है ( की खपत )। आधारी उपापचय दर वह दर है जो अपने तापउदासीन क्षेत्र में विश्राम कर रहे, भूखे अंतस्तापी की होती है। किसी राशि के बारे में कहा जाता है कि वह शरीर-द्रव्यमान के साथ अपमितीय रूप से बदलती है जब हो और घातांक हो; लघुगणक–लघुगणक आलेख पर यह संबंध प्रवणता की एक सरल रेखा है।
示例
उदाहरण 1.16 (चूहा और हाथी)
का एक चूहा: , यानी । का एक हाथी: , यानी । हाथी चूहे से दस हज़ार गुना अधिक जलाता है, पर उसका हर ग्राम इक्कीस गुना कम: । चूहे को रोज़ अपने द्रव्यमान का दसवाँ भाग खाना पड़ता है; हाथी को पचासवाँ। चूहे का हृदय मिनट में बार धड़कता है, हाथी का : हृदय-दर भी, की तरह, की तरह बदलती है, और दोनों जंतुओं के हृदय जीवन भर में लगभग एक अरब बार धड़कते हैं।