बॉर्न–ओपेनहाइमर सन्निकटन में इलेक्ट्रॉनिक श्रोडिंगर समीकरण ऐसे नाभिकों के लिए हल किया जाता है जो स्थितियों पर स्थिर रखे गए हैं,
और फिर नाभिक विभव में गति करते हैं, जो इलेक्ट्रॉनिक ऊर्जा और नाभिकों के प्रतिकर्षण का योग है।
रसायन विज्ञान · शब्दावली
अन्य नाम: बॉर्न--ओपेनहाइमर सन्निकटन
बॉर्न–ओपेनहाइमर सन्निकटन में इलेक्ट्रॉनिक श्रोडिंगर समीकरण ऐसे नाभिकों के लिए हल किया जाता है जो स्थितियों पर स्थिर रखे गए हैं,
और फिर नाभिक विभव में गति करते हैं, जो इलेक्ट्रॉनिक ऊर्जा और नाभिकों के प्रतिकर्षण का योग है।