दाईं ओर से शुरू करके संख्या के अंक तीन-तीन में बाँटे जाते हैं; ऐसे हर तीन अंकों को एक अंक-समूह कहते हैं: इकाई का समूह, हज़ार का समूह, मिलियन का समूह। हर समूह की अपनी इकाई, दहाई और सैकड़ा होती है। जैसे
जिसे “छह मिलियन तीन सौ नौ हज़ार चार सौ बावन” पढ़ते हैं।
उदाहरण
उदाहरण 21.2 (अंक-समूहों से लिखना)
“बारह मिलियन चालीस हज़ार पाँच सौ” में मिलियन के समूह में है, हज़ार के समूह में , और इकाई के समूह में :
के शून्य ज़रूरी हैं: सबसे बाएँ वाले को छोड़कर हर समूह को अपने तीनों अंक दिखाने पड़ते हैं।
उदाहरण 21.3 (कितने हज़ार?)
संख्या में हज़ार समाए हैं (इकाई के समूह के बाईं ओर का सब कुछ): । “कितने हज़ार” पूछना किसी एक अंक के बारे में पूछना नहीं, बल्कि संख्या के पूरे अगले हिस्से के बारे में पूछना है।