उदाहरण
उदाहरण 16.2 (ट्यूलिप का विच्छेदन)
मुरझाते ट्यूलिप को धीरे-धीरे, पंखुड़ी दर पंखुड़ी खोलो। भीतर पुंकेसर खड़े मिलते हैं — किसी एक को उँगली पर रगड़ो और वह पीली पराग की धूल छोड़ जाता है — और बीच में मोटा हरा स्त्रीकेसर। स्त्रीकेसर को आड़ा काटो (यह काम किसी बड़े की छुरी से) और वे सामने हैं: नन्हे पीले भावी बीजों की क़तारें।
उदाहरण 16.4 (एक चेरी को बनते देखना)
चेरी के एक ही फूल का पीछा करो। अप्रैल: सफ़ेद पंखुड़ियाँ, भिनभिनाती मधुमक्खियाँ। मई: पंखुड़ियाँ बर्फ़ की तरह गिरतीं; जहाँ हर फूल खड़ा था वहाँ एक नन्ही हरी गोली — यानी फूलता स्त्रीकेसर। जून: वही गोली लाल और मीठी हो चुकी — एक चेरी, जिसके भीतर गुठली (उसका बीज) है। फूल गिरा नहीं; सिर्फ़ उसकी पंखुड़ियाँ गिरीं।