संयुग्मित निकाय परमाणुओं की ऐसी शृंखला है जिसका हर परमाणु एक कक्षक रखता है जो एक निकाय का भाग है, जैसे बारी-बारी से द्वि- और एकल आबंधों में (ब्यूटा-1,3-डाईन, बेंज़ीन)। किसी अवशोषण के लिए उत्तरदायी परमाणु-समूह उसका वर्णमूलक है; वह तरंगदैर्घ्य जिस पर उसकी अवशोषकता महत्तम होती है, अवशोषण उच्चिष्ठ, , है।