सरल लोलक: लंबाई के अवितान्य और नगण्य द्रव्यमान वाले तार पर लटका द्रव्यमान का छोटा गोलक, जो किसी ऊर्ध्वाधर तल में झूलता हो। गोलक पर लगते दोनों बलों (अध्याय 25) में से तनाव गति के लंबवत है, जबकि गतिपथ के अनुदिश भार का घटक सबसे निचले बिंदु की ओर पीछे संकेत करता है: यानी भार ही प्रत्यानयन बल
उदाहरण
उदाहरण 28.6 (सेकंड वाला लोलक)
कौन-सी लंबाई सेकंड की चाल देती है, , यानी हर ओर एक टिक? हल करने पर । यानी लगभग एक मीटर: लोलक-घड़ियाँ इसीलिए लंबी होती हैं कि सेकंड लंबा होता है।