SN1 क्रियाविधि (प्रतिस्थापन, नाभिकरागी, एकाणुक) के दो चरण होते हैं: C–Y आबंध का मंद विषमांश विदलन, जो एक कार्बधनायन देता है, फिर कार्बधनायन पर नाभिकरागी का तीव्र योग। जो अभिक्रिया एक अकेले प्रतिबिंबरूपी को दोनों के मिश्रण में बदल दे, वह रेसेमीकरण है; जिस प्रतिस्थापन में विलायक ही नाभिकरागी हो, वह विलायक-अपघटन है।
रसायन विज्ञान · शब्दावली
SN1 क्रियाविधि, रेसेमीकरण, विलायक-अपघटन क्या है?
अन्य नाम: SN1 क्रियाविधि · रेसेमीकरण · विलायक-अपघटन