का आधार ऐसा कुल है कि प्रत्येक विवृत समुच्चय के सदस्यों का सम्मिलन हो (उदाहरणार्थ किसी मापीय समष्टि में विवृत गोले; में विवृत अंतराल)। के उपसमुच्चयों का कोई कुल किसी संस्थिति का आधार है तभी और केवल तभी जब वह को आच्छादित करे और तथा के लिए किसी के लिए हो — तब “सदस्यों के सम्मिलन” एक संस्थिति बनाते हैं, अर्थात् से जनित संस्थिति।
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