निर्देश तंत्र कोई दृढ़ पिंड है जिसे स्थिर मान लिया जाता है (प्रयोगशाला, पृथ्वी, कोई रेलगाड़ी), और उसके साथ एक घड़ी। बिंदु कण — ऐसा पिंड जिसका आकार अध्ययन की जा रही गति के लिए महत्वहीन हो — हर क्षण अपने स्थिति सदिश से नियत होता है, जो तंत्र से जुड़े किसी मूल बिंदु से खींचा जाता है; जो वक्र खींचता है वही उसका गतिपथ है। गति सदा किसी तंत्र के सापेक्ष गति होती है: वही यात्री रेलगाड़ी में विराम में है और स्टेशन में गतिमान।
भौतिकी · शब्दावली