किसी चीज़ का ताप वह संख्या है जो ठीक-ठीक बताती है कि वह कितनी गरम या ठंडी है। संख्या बड़ी, चीज़ ज़्यादा गरम; संख्या छोटी, चीज़ ज़्यादा ठंडी। ताप डिग्री सेल्सियस में मापा जाता है, जिसे लिखते हैं, और मापने का उपकरण है तापमापी।
उदाहरण
उदाहरण 15.4 (काँच का जज काम कैसे करता है)
तापमापी की पतली नली के भीतर एक रंगीन द्रव क़ैद रहता है। गरमी उस द्रव को ज़रा-सा फैला देती है — और इतनी पतली नली में यह ज़रा-सा फैलाव स्तंभ को साफ़ दिखने लायक ऊपर धकेल देता है। ठंड उसे वापस सिकोड़ देती है। इस द्रव को हाथ की तरह धोखा नहीं दिया जा सकता: उतनी ही गरमी पर वह उतना ही फैलता है — आज भी, कल भी, हर किसी के लिए।
उदाहरण 15.6 (काम आने वाले ताप)
कुछ संख्याएँ याद रखने लायक हैं: सुहावना कमरा लगभग का होता है; तुम्हारा शरीर गरमी और जाड़े, दोनों में ख़ुद को लगभग पर रखता है (उससे काफ़ी ऊपर जाना बुख़ार है — डॉक्टर का तापमापी यह जानता है); फ़्रिज लगभग पर रहता है; गरमी का तेज़ दिन तक पहुँच जाता है; और नहाने का पानी के आस-पास सुहाता है।