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भौतिकी · शब्दावली

पारदर्शी, पारभासी, अपारदर्शी क्या है?

अन्य नाम: पारदर्शी · पारभासी · अपारदर्शी

परिभाषा 49.7 प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय भौतिकी · अध्याय 49 — प्रकाश के स्रोत और संचरण

पदार्थ प्रकाश से तीन ढंग से मिलते हैं:

  1. पारदर्शी: प्रकाश लगभग बिना छेड़े, अपना सलीक़ा बनाए हुए पार निकल जाता है — साफ़ काँच, ठहरा पानी, हवा; प्रतिबिंब सही-सलामत पार जाते हैं;
  2. पारभासी: प्रकाश पार तो जाता है, पर गड्डमड्ड होकर — धुँधला काँच, ट्रेसिंग काग़ज़, पतला परदा; चमक पार जाती है, प्रतिबिंब नहीं;
  3. अपारदर्शी: प्रकाश रोक लिया जाता है — या तो सोख लिया जाता है या वापस विसरित कर दिया जाता है — लकड़ी, पत्थर, धातु, तुम्हारा हाथ; और अपारदर्शी चीज़ के पीछे छाया पड़ती है।

उदाहरण

उदाहरण 49.9 (वास्तुकला की तीनों टोलियाँ)

राजगीर तीनों को जान-बूझकर तैनात करते हैं। पारदर्शी खिड़की का काँच: नज़ारा और प्रकाश, दोनों। पारभासी स्नानघर के शीशे और धुँधले दफ़्तरी पर्दे: दिन का उजाला भीतर, और निजता बनी हुई — प्रतिबिंब के बिना चमक देना ही उनका काम है। अपारदर्शी दीवारें और किवाड़: माँगने पर अँधेरा। लैंप के आवरण आराम की सेवा में लगी पारभासिता हैं: दहकते तंतु की चौंध गड्डमड्ड होकर मुलायम, बिना स्रोत वाली दमक बन जाती है।

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