किसी राशि को — कोई लंबाई, कोई द्रव्यमान, कोई अवधि, कोई ताप — मापना यानी उस काम के लिए बने उपकरण से यह गिनना कि उसका माना हुआ मात्रक उसमें कितनी बार समाता है। परिणाम हमेशा संख्या और उसके मात्रक के साथ लिखा जाता है: , , । अकेली संख्या अफ़वाह है; संख्या-सहित-मात्रक मापन है।
उदाहरण
उदाहरण 37.2 (ग़ायब मात्रक की क़ीमत)
“आटा 3 डाल देना।” ग्राम? चम्मच? कटोरी? केक का भाग्य उसी ग़ायब शब्द पर टँगा है। ग़ायब या आपस में गड्डमड्ड हुए मात्रकों से सचमुच की दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं — कुछ विमानों का ईंधन बीच उड़ान में इसलिए ख़त्म हो गया कि किलोग्राम को पाउंड समझ लिया गया था। पेशेवर लोग मात्रक हर बार लिखते हैं, बिना किसी अपवाद के; इस अध्याय के बाद से हम भी।