लघुकरणीय निरूपण वह है जिसके सभी आव्यूहों को एक ही आधार-परिवर्तन से एक ही खंड-विकर्ण रूप में लाया जा सके; तब वह अलघुकरणीय निरूपणों का योग है, जिसे लिखा जाता है। वह अलघुकरणीय निरूपण जिसके सभी अभिलक्षण 1 हैं, पूर्णतः सममित निरूपण है (, , …)।
उदाहरण
उदाहरण 5.5 (अमोनिया के हाइड्रोजन कक्षक)
के हाइड्रोजनों के तीन कक्षकों को आधार लीजिए। तीनों को उनके स्थान पर छोड़ता है (), तीनों को हिलाता है (), कोई एक को स्थान पर छोड़ता है और दो की अदला-बदली करता है ()। सारणी से: , , । अतः : तीनों हाइड्रोजन एक पूर्णतः सममित संयोजन और एक अपभ्रष्ट युग्म देते हैं।