प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय जीवविज्ञान · Grades 1–9
32मानव जनन
तुम जिस भी व्यक्ति को जानते हो — साथी, शिक्षक, अपने परिवार का सबसे बुज़ुर्ग व्यक्ति — वह इसी एक रास्ते से आया: शिशु के रूप में, अपनी माँ के भीतर महीनों बढ़ने के बाद जन्म लेकर। मनुष्य स्तनधारी हैं (प्रतिज्ञप्ति 21.4), और मानव जनन अध्याय 23 की स्तनधारी बनावट पर ही चलता है — बस उसमें हमारी अपनी प्रजाति की संख्याएँ, तारीख़ें और ब्यौरे जुड़े हैं, जिन्हें यह अध्याय साफ़-साफ़ रखता है।
32.1 इस बनावट का मानव रूप
प्रतिज्ञप्ति 32.1 (मानव जनन स्तनधारी जनन है)
सारे स्तनधारियों की तरह मनुष्य भी लैंगिक जनन करते हैं (परिभाषा 23.1):
- माँ का शरीर अंडाणु बनाता है; पिता का शुक्राणु;
- निषेचन — यानी एक शुक्राणु का एक अंडाणु से जुड़ना — माँ के शरीर के भीतर होता है (प्रतिज्ञप्ति 23.6);
- निषेचित अंडाणु — एक अकेली कोशिका (उदाहरण 29.8) — माँ के गर्भाशय में जम जाता है और वहीं बढ़ता है;
- मनुष्य जरायुज हैं (परिभाषा 23.4): शिशु जीवित जन्म लेता है, और शुरू में दूध पर पलता है।
उपपत्ति. इस स्तर पर स्वीकृत। ∎
टिप्पणी 32.2 (जनन के लिए वयस्क शरीर चाहिए)
बच्चे का शरीर बच्चे नहीं कर सकता: जननिक अंग यौवनारंभ पर ही काम करना शुरू करते हैं, यानी परिभाषा 15.1 की किशोर अवस्था वाले उस बदलाव पर, जब शरीर अपने को बालक के शरीर से वयस्क के शरीर में फिर से गढ़ता है। यौवनारंभ क्या-क्या बदलता है और कैसे, यह इस पुस्तक के माध्यमिक वर्षों के एक पूरे अध्याय का विषय है।
32.2 गर्भाशय में नौ महीने
परिभाषा 32.3 (गर्भावस्था)
गर्भावस्था वह समय है जो भावी शिशु अपनी माँ के गर्भाशय में बढ़ते हुए बिताता है: मनुष्यों में लगभग नौ महीने। बढ़ते हुए शिशु को पहले भ्रूण कहते हैं, और फिर — लगभग दो महीने बाद, जब उसके शरीर की बनावट तय हो जाती है — गर्भस्थ शिशु।
प्रतिज्ञप्ति 32.4 (नाल के ज़रिए पोषण)
गर्भाशय के भीतर शिशु तरल की एक थैली में तैरता है और न खा सकता है, न साँस ले सकता है। सब कुछ माँ के रक्त से बना-बनाया आता है: पोषक तत्व और ऑक्सीजन (प्रतिज्ञप्ति 27.1) उसके पेट पर लगी नाभि-रज्जु से होकर शिशु के रक्त में उतरते हैं — और उसका कचरा उसी रास्ते वापस जाता है, ताकि माँ का शरीर उसे सँभाल ले। तुम्हारी नाभि वही जगह है जहाँ तुम्हारी अपनी नाल जुड़ी थी।
उपपत्ति. इस स्तर पर स्वीकृत। ∎
उदाहरण 32.5 (नौ महीने का समय-पत्रक)
पहला महीना: बँटती कोशिकाओं का एक गुच्छा, चावल के दाने से भी छोटा, पर पहले से तेज़ी से बढ़ता हुआ। दूसरा महीना: एक भ्रूण, जिसमें सिर का ख़ाका, धड़कता हृदय, और बाँहों तथा टाँगों की कलियाँ हैं — और जो अब भी अँगूठे से छोटा है। तीसरा-चौथा महीना: एक गर्भस्थ शिशु, बनावट में पूरा, जो हिलना शुरू कर देता है; माँ को जल्द ही उसकी ठोकरें महसूस होने लगती हैं। पाँचवाँ से आठवाँ महीना: बढ़ना और पकना — सुनना आ जाता है, और बालों की पहली परत भी। नौवाँ महीना: शिशु, आम तौर पर सिर नीचे किए और लगभग का, तैयार है।
उदाहरण 32.6 (जन्म)
जन्म के समय गर्भाशय की ताक़तवर पेशियाँ शिशु को दुनिया में धकेल देती हैं, आम तौर पर सिर पहले। पहली किलकारी फेफड़ों को हवा से भर देती है — उन्होंने पहले कभी साँस ली ही नहीं थी (प्रतिज्ञप्ति 32.4) — नाल, जिसकी अब ज़रूरत नहीं, बिना दर्द के काट दी जाती है, और स्तनधारी बनावट बाहर भी चलती रहती है: दूध, गरमाहट और देखभाल (उदाहरण 23.9 इससे सहमत होता)।
टिप्पणी 32.7 (जुड़वाँ)
कभी-कभी गर्भाशय में दो शिशु साथ-साथ बढ़ते हैं। अगर एक निषेचित अंडाणु बँटकर दो भ्रूण बन गया हो, तो जुड़वाँ एकसमान होते हैं — एक ही शुरुआती कोशिका से बने, दो नक़लों जैसे मिलते-जुलते। और अगर दो अंडाणु दो शुक्राणुओं से निषेचित हुए हों, तो जुड़वाँ आम भाई-बहनों से ज़्यादा एक जैसे नहीं होते — उन्होंने बस गर्भाशय साझा किया था। दो तरह के जुड़वाँ, जिन्हें उनकी शुरुआत से पहचाना जाता है।
32.3 पहले और बाद की देखभाल
प्रतिज्ञप्ति 32.8 (शिशु अपनी माँ की आपूर्ति बाँटता है)
शिशु तक जो कुछ पहुँचता है वह माँ के रक्त से होकर आता है — इसीलिए गर्भवती माँ अच्छा खाती है (अध्याय 18), आराम करती है, डॉक्टरों या दाइयों की देखरेख में रहती है, और उन चीज़ों से बचती है जो शिशु को नुक़सान पहुँचा सकती हैं: तंबाकू का धुआँ और शराब भी नाल से होकर गुज़र जाते हैं, और गर्भस्थ शिशु वयस्क से कहीं ज़्यादा नाज़ुक होता है। माँ की देखभाल ही शिशु की देखभाल है।
उपपत्ति. इस स्तर पर स्वीकृत। ∎
उदाहरण 32.9 (बहुत देखभाल वाली एक प्रजाति)
स्तनधारियों में भी मनुष्य प्रतिज्ञप्ति 23.7 की कम-और-देखभाल-वाली रणनीति को सिरे तक ले जाते हैं: आम तौर पर एक बार में एक शिशु, जो बछेड़े या बिल्ली के बच्चे से कहीं ज़्यादा देर तक असहाय रहता है, और जिसकी — खिलाकर, सिखाकर, प्यार करके — कई सालों तक देखभाल की जाती है। मानव बचपन जंतु-जगत के सबसे लंबे बचपनों में से एक है; और दस साल लंबा यह पाठ्यक्रम, यह पुस्तक, ख़ुद उसी लंबी देखभाल का एक टुकड़ा है।
32.4 अभ्यास
अभ्यास 32.1 ★
कौन-सी कोशिका माँ से आती है, कौन-सी पिता से, और उनके जुड़ने को क्या कहते हैं?
अभ्यास 32.2 ★
मानव शिशु कहाँ बढ़ता है, और लगभग कितने समय तक?
अभ्यास 32.3 ★
बढ़ते शिशु के दोनों नाम क्रम से बताओ, और मोटे तौर पर यह भी कि पहला दूसरा कब बनता है।
हल
हल — अभ्यास 32.3.
पहले भ्रूण, फिर गर्भस्थ शिशु — लगभग दो महीने से, जब शरीर की बनावट तय हो जाती है।
अभ्यास 32.4 ★
गर्भाशय में शिशु न खाता है न साँस लेता है। उसे पोषक तत्व और ऑक्सीजन कैसे मिलते हैं, और उसका कचरा कहाँ जाता है?
हल
हल — अभ्यास 32.4.
नाभि-रज्जु के ज़रिए: पोषक तत्व और ऑक्सीजन माँ के रक्त से शिशु के रक्त में उतरते हैं, और शिशु का कचरा उसी रास्ते वापस जाता है ताकि माँ का शरीर उसे सँभाल ले।
अभ्यास 32.5 ★
तुम्हारी नाभि किस चीज़ का निशान है?
हल
हल — अभ्यास 32.5.
उस जगह का, जहाँ जन्म के समय काटे जाने से पहले तुम्हारी अपनी नाभि-रज्जु जुड़ी थी।
अभ्यास 32.6 ★
पहली किलकारी पर क्या होता है, और यह शिशु के शरीर के लिए इतना बड़ा बदलाव क्यों है?
हल
हल — अभ्यास 32.6.
पहली किलकारी फेफड़ों को पहली बार हवा से भर देती है: उस पल तक उन्होंने कभी साँस ली ही नहीं थी — ऑक्सीजन हमेशा नाल से आती रही थी।
अभ्यास 32.7 ★
कौन-सी ख़ासियतें मानव जनन को ठेठ स्तनधारी बनाती हैं? प्रतिज्ञप्ति 21.4 या अध्याय 23 का हवाला देते हुए तीन बताओ।
अभ्यास 32.8 ★
डॉक्टर गर्भवती माँओं से तंबाकू के धुएँ और शराब से बचने को क्यों कहते हैं? प्रतिज्ञप्ति 32.8 का इस्तेमाल करो।
हल
हल — अभ्यास 32.8.
क्योंकि माँ के रक्त में जो कुछ है वह नाल से होकर शिशु तक पहुँचता है — धुएँ और शराब के नुक़सानदेह पदार्थ भी — और गर्भस्थ शिशु वयस्क से कहीं ज़्यादा नाज़ुक होता है।
अभ्यास 32.9 ★★
दोनों तरह के जुड़वाँओं को उनकी शुरुआत से समझाओ। कौन-सा जोड़ा “दो नक़लों जैसा” मिलता-जुलता है, और यह उदाहरण 29.8 से क्यों निकलता है?
अभ्यास 32.10 ★★
प्रतिज्ञप्ति 23.7 की रणनीति-रेखा पर मनुष्य को रखो, और कॉड मछली तथा हाथी से तुलना करो: बच्चों की संख्या, देखभाल की लंबाई, और मनुष्यों के लिए उस लंबी देखभाल में क्या-क्या शामिल है।
हल
हल — अभ्यास 32.10.
हाथी वाले सिरे पर, और उससे भी आगे: आम तौर पर एक शिशु, सालों तक असहायता, और ऐसी देखभाल जिसमें सिर्फ़ खिलाना और रक्षा ही नहीं, सिखाना भी शामिल है — भाषा, हुनर, स्कूल। कॉड मछली का बिना-देखभाल-वाले लाखों अंडे उलटा सिरा है।
अभ्यास 32.11 ★★★
जन्म के समय कटी हुई नाल शिशु की आपूर्ति-लाइन ठीक उसी क्षण ख़त्म कर देती है जब फेफड़े अपनी पहली साँस लेते हैं। प्रतिज्ञप्ति 32.4 और प्रतिज्ञप्ति 26.5 की मदद से समझाओ कि उस एक मिनट में कौन-सा काम माँ के शरीर से शिशु के अपने फेफड़ों को सौंपा जाता है — और पहली किलकारी का समय इतना सही क्यों है।
हल
हल — अभ्यास 32.11.
ऑक्सीजन लादने और कार्बन डाइऑक्साइड उतारने का काम: जन्म तक यह काम माँ का रक्त नाल के ज़रिए करता था; और पहली साँस से यह शिशु के अपने फेफड़ों की हवा-कोठरियाँ सँभाल लेती हैं। किलकारी का समय इसलिए सही है कि वह ठीक उसी मिनट आती है जब पुरानी आपूर्ति-लाइन कट जाती है — फेफड़ों को ठीक तभी शुरू होना है जब नाल रुकती है।